वायरल वीडियो का खौफ? $1.9 मिलियन डकारने वाला Day Care हुआ अचानक बंद! क्या है असली सच?
क्या एक यूट्यूबर का वीडियो किसी चलते-फिरते बिज़नेस को हमेशा के लिए ताला लगवा सकता है? मिनियापोलिस (Minneapolis) में कुछ ऐसा ही हुआ है जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है!
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एक राइट-विंग यूट्यूबर, निक शर्ली (Nick Shirley), ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें दावा किया गया कि मिनियापोलिस के कई डे-केयर सेंटर्स (Day Care Centers) बिना बच्चों की देखभाल किए ही सरकारी फंड का गबन कर रहे हैं। इस लिस्ट में ‘Quality Learning Center’ का नाम सबसे ऊपर था।
ताज़ा खबर यह है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद, ‘Quality Learning Center’ ने मंगलवार को अपना शटर हमेशा के लिए गिरा दिया है!
हैरान करने वाले खुलासे:
- $1.9 मिलियन की फंडिंग: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस सेंटर को वित्तीय वर्ष 2025 में 19 लाख डॉलर (लगभग 16 करोड़ रुपये) की सरकारी सहायता मिली थी।
- जाँच में क्या मिला? CBS न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया कि जब सरकारी अधिकारी वहां पहुंचे, तो वहां बच्चे मौजूद थे। जून की लाइसेंसिंग समीक्षा में भी "फ्रॉड" का कोई सबूत नहीं मिला था, सिर्फ कुछ मामूली खामियां थीं।
- अचानक फैसला: इसके बावजूद, सेंटर ने अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है और अब यह दोबारा नहीं खुलेगा।
ट्रम्प प्रशासन और गवर्नर वाल्ज़ आमने-सामने!
यह मामला सिर्फ एक डे-केयर तक सीमित नहीं है। ट्रम्प प्रशासन ने ‘फ्रॉड’ रोकने के नाम पर मिनेसोटा के फेडरल चाइल्ड केयर फंड्स को फ्रीज कर दिया है। होमलैंड सिक्योरिटी के 2,000 एजेंटों को तैनात किया गया है, जिसे गवर्नर टिम वाल्ज़ (Tim Walz) ने राज्य पर "हमला" और "राजनीतिक नाटक" करार दिया है।
मिनेसोटा में फ्रॉड की जाँच अब एक बड़े सियासी घमासान में बदल चुकी है। क्या यह वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग है या सिर्फ राजनीति?
मिनेसोटा के इस ‘फ्रॉड कांड’ पर आपकी क्या राय है? क्या यूट्यूबर का तरीका सही था?