🚨 बड़ी खबर: यूक्रेन के जंगलों में दफन है 80 साल पुराना खूनी सच? पोलैंड को मिली सामूहिक कब्रों की तलाश की इजाजत!
क्या 1945 का वो खौफनाक सच अब दुनिया के सामने आएगा? यूक्रेन सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए Puźniki (पुज्निकी) में सामूहिक कब्रों की आगे की खोज के लिए हरी झंडी दे दी है। यह सिर्फ जमीन की खुदाई नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए न्याय की उम्मीद है।
जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों है ये इतना अहम:
- UPA का खूनी इतिहास: 1945 की उस काली रात में, यूक्रेनी राष्ट्रवादियों (UPA) ने पुज्निकी में 50 से 120 पोलिश नागरिकों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। ये शव आज भी कहीं गुमनाम दफन हैं।
- बड़ी कूटनीतिक जीत: यह फैसला रातों-रात नहीं हुआ। पोलैंड के Karol Nawrocki और यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky के बीच हुई गंभीर बातचीत का यह नतीजा है। इसे दोनों देशों के बीच सुधरते रिश्तों की मिसाल माना जा रहा है।
- अगले साल शुरू होगा मिशन: पोलिश फाउंडेशन "Wolność i Demokracja" को यह मंजूरी मिली है। अब अगले साल वसंत (Spring) में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम, जिसमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और पुरातत्वविद् शामिल हैं, फिर से खुदाई शुरू करेगी।
- वोल्हिनिया नरसंहार (Volhynia Massacre): यह खोज उस भयानक दौर की याद दिलाती है जब 1943-1945 के बीच लगभग 1 लाख पोलिश लोगों का कत्लेआम हुआ था।
हिला देने वाला सच: इससे पहले हुई खुदाई में 24 पीड़ितों के अवशेष मिले थे, जिनके पास से टूटी हुई मालाएं (rosaries) और बटन मिले थे। अब सवाल यह है कि इस नई खोज में और कितने राज बाहर आएंगे?
इतिहास गवाह है, सच को कितनी भी गहराई में दफना दो, वह एक दिन बाहर आ ही जाता है। इस मिशन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं!