Trump का सबसे बड़ा Secret Operation! Maduro को रातों-रात उठाया, लेकिन अपनी ही टीम फंसी झूठ के जाल में?
अमेरिका ने वेनेजुएला के तानाशाह निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) को देश से बाहर तो निकाल दिया, लेकिन इस ‘सीक्रेट मिशन’ ने वाइट हाउस में भूचाल ला दिया है। क्या डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी ही चीफ़ ऑफ़ स्टाफ सूजी वाइल्स (Susie Wiles) की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया?
वादे से मुकरे ट्रम्प?
हैरानी की बात यह है कि कुछ समय पहले ही सूजी वाइल्स ने साफ़ कहा था कि अगर वेनेजुएला की जमीन पर कोई भी एक्शन हुआ, तो उसके लिए कांग्रेस (संसद) की मंजूरी जरूरी होगी क्योंकि "यह युद्ध है।" लेकिन जब मादुरो को उठाया गया, तो कांग्रेस को खबर तक नहीं थी। अब विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) टीवी पर सफाई दे रहे हैं कि "मंजूरी की कोई जरूरत नहीं थी" और अगर किसी को बताते तो मिशन खतरे में पड़ जाता।
असली मकसद क्या है? तेल, ड्रग्स या कुछ और?
ट्रम्प की टीम यह तय ही नहीं कर पा रही है कि मादुरो को हटाने की असली वजह क्या थी। इनके बयान हर दिन बदल रहे हैं:
- पहले कहा गया कि यह अमेरिका में आ रहे ड्रग्स को रोकने के लिए है।
- फिर कहा गया कि यह अपराधी गैंग्स के खिलाफ है।
- रुबियो ने इसे चीन और हिजबुल्लाह के खिलाफ एक्शन बताया।
- और अब? खुद ट्रम्प कह रहे हैं कि उनकी नजर वेनेजुएला के ‘तेल’ (Oil) पर है!
"जब तक मादुरो रोने न लगे…"
वाइल्स ने खुलासा किया कि ट्रम्प का प्लान था कि वेनेजुएला की नावों को तब तक उड़ाया जाए जब तक मादुरो हार न मान लें। लेकिन जब धमकियों और नौसैनिक घेराबंदी से काम नहीं बना, तो ट्रम्प ने सीधे US स्पेशल फोर्सेज भेजकर मादुरो को हवा में ही गायब करवा दिया।
रुबियो इसे "अमेरिका के खिलाफ युद्ध" बता रहे हैं, लेकिन सवाल वही है – क्या यह ड्रग्स के खिलाफ जंग है या सिर्फ तेल पर कब्जा करने की साजिश? वाइट हाउस के इस कन्फ्यूजन ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है।