1987 की इस फिल्म में छिपा है Sales का ऐसा ‘जादुई मंत्र’, जो MBA की डिग्री भी नहीं सिखा सकती!
क्या आपने 1987 की कल्ट क्लासिक फिल्म "Planes, Trains and Automobiles" देखी है? अगर नहीं, तो शायद आप एलियंस द्वारा किडनैप कर लिए गए थे! स्टीव मार्टिन और जॉन कैंडी की यह फिल्म सिर्फ हंसाती नहीं है, बल्कि मार्केटिंग और सेल्स (Sales) की दुनिया का एक ऐसा खजाना है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
जेफ स्लीट (E&P मैगजीन के लिए) का मानना है कि यह फिल्म किसी बिजनेस क्लास से कम नहीं है। जानिए इस फिल्म के कैरेक्टर डेल ग्रिफिथ (जॉन कैंडी) से सीखने लायक 3 जबरदस्त बातें जो आपकी सेल्स को रॉकेट की रफ़्तार दे सकती हैं:
1. नेटवर्क ही नेट-वर्थ है (Network is Net Worth):
फिल्म में डेल ग्रिफिथ भले ही बेतरतीब दिखता हो, लेकिन उसके पास वफादार ग्राहकों की फौज है। जब वे मुसीबत में फंसते हैं, तो डेल का एक पुराना ग्राहक ही उनकी मदद को आगे आता है। सबक? अपने ग्राहकों से दिल का रिश्ता बनाएं, वे सिर्फ कस्टमर नहीं, आपके ब्रांड एंबेसडर हैं।
2. मिट्टी को सोना बनाने की कला:
फिल्म का वो सीन याद है जब डेल के पैसे खत्म हो जाते हैं? वह शावर कर्टेन के छल्लों (rings) को ‘दुर्लभ इयररिंग्स’ बताकर बेच देता है! वह कहता है, "ये हीलियम से भरे हैं, इसलिए हल्के हैं" या "ये चेकस्लोवाकिया के हाथी दांत से बने हैं।" भले ही यह झूठ था, लेकिन यह दिखाता है कि Storytelling में कितनी ताकत होती है। अगर आप अपने प्रोडक्ट को सही कहानी के साथ पेश करें, तो ग्राहक उसे हाथों-हाथ लेंगे।
3. अपनी ऑडियंस की नब्ज पहचानें:
बस वाले सीन में जब स्टीव मार्टिन एक बोरिंग गाना गाते हैं, तो सन्नाटा छा जाता है। लेकिन जैसे ही डेल ‘The Flintstones’ का कार्टून सॉन्ग गाता है, पूरी बस झूम उठती है। सेल्स का सबसे बड़ा नियम: वही बेचें और वही बोलें जो आपकी ऑडियंस सुनना चाहती है।
तो अगर आप भी सेल्स के किंग बनना चाहते हैं, तो इस वीकेंड यह फिल्म जरूर देखें। हंसते-हंसते आप वो सीख जाएंगे जो बड़ी-बड़ी किताबें नहीं सिखा पातीं!
असली डेल ग्रिफिथ वही है जो अपने ग्राहकों को "वैल्यू" दे। क्या आप तैयार हैं?