Meta का $6 बिलियन का बड़ा दांव! 175 साल पुरानी यह कंपनी कैसे बनी AI की ‘बैकबोन’?
Nvidia और Google भी हैं कतार में, 75% बढ़ा शेयर, जानिए क्यों खास है यह डील।
क्या आप जानते हैं कि मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta (Facebook) अपने AI सपने को सच करने के लिए किस पर सबसे ज्यादा भरोसा कर रही है? यह कोई चिप बनाने वाली कंपनी नहीं, बल्कि 175 साल पुरानी कांच बनाने वाली कंपनी Corning है!
AI की दौड़ में कांच का खेल
मेटा ने अपने AI डेटा सेंटर्स के लिए $6 बिलियन (लगभग 50,000 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम डील साइन की है। Corning के CEO वेंडेल वीक्स ने खुलासा किया कि मेटा ने 2030 तक फाइबर-ऑप्टिक केबल की सप्लाई सुरक्षित कर ली है। इस खबर के बाद से Corning, जो पहले iPhone का ग्लास बनाने के लिए मशहूर थी, अब AI इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा खिलाड़ी बन गई है।
शेयर बाजार में 75% का उछाल
अगर आपने पिछले साल Corning के शेयर खरीदे होते, तो आज आप मालामाल होते! AI बूम के चलते कंपनी के शेयरों में 75% से ज्यादा की तेजी आई है। मेटा के अलावा Nvidia, Google, Microsoft और Amazon जैसे दिग्गज भी Corning के फाइबर के लिए लाइन में लगे हैं। मांग इतनी ज्यादा है कि कंपनी अपनी फैक्ट्री को दुनिया का सबसे बड़ा फाइबर-ऑप्टिक प्लांट बना रही है।
तांबे के तार हुए फेल, अब ‘रोशनी’ से चलेगा इंटरनेट
AI को सुपरफास्ट डेटा स्पीड की जरूरत है, जिसे पुराने तांबे (Copper) के तार नहीं झेल सकते।
- Contour टेक्नोलॉजी: Corning ने AI के लिए खास ‘Contour’ फाइबर बनाया है।
- रफ़्तार: यह डेटा को बिजली के सिग्नल के बजाय प्रकाश की गति (Photons) से भेजता है।
- बचत: यह तांबे के मुकाबले 20 गुना कम बिजली खर्च करता है।
निष्कर्ष
मेटा के लुइसियाना डेटा सेंटर में ही अकेले 80 लाख मील लंबा फाइबर लगेगा। यह डील साबित करती है कि AI की असली जंग सिर्फ सॉफ्टवेयर में नहीं, बल्कि उसे चलाने वाले हार्डवेयर और केबल्स में लड़ी जा रही है। Corning अब सिर्फ कांच नहीं, बल्कि भविष्य का ‘न्यूरॉन नेटवर्क’ बना रहा है।