Mayot aur Blanchet ka safar khatam, sirf Grenier hi tik paye maidan mein!

टेनिस की दुनिया में भूचाल! Roland Garros हुआ खाली और Wimbledon के ‘सफेद कपड़ों’ पर फूटा गुस्सा? जानिये एक फैन का कड़वा सच!

क्या Roland Garros (French Open) अपनी पुरानी चमक खो चुका है? यह सवाल आज हर टेनिस प्रेमी के जेहन में है। 20 साल पहले जो ग्रैंड स्लैम दुनिया का सबसे चहेता टूर्नामेंट हुआ करता था, आज वहां दर्शकों की कुर्सियां खाली क्यों नजर आ रही हैं? सोशल मीडिया पर एक टेनिस फैन के वायरल बयान ने खेल जगत में नई बहस छेड़ दी है।

जहां एक तरफ Australian Open और US Open का रोमांच सिर चढ़कर बोल रहा है, वहीं पेरिस के क्ले कोर्ट पर सन्नाटा क्यों है? लेकिन रुकिए, असली हंगामा तो Wimbledon को लेकर बरपा है!

"मुझे Wimbledon से नफरत है!"

जी हां, आपने सही पढ़ा। इस फैन का कहना है कि उन्हें विंबलडन का वो मशहूर ‘White Dress Code’ (सफेद ड्रेस कोड) बिल्कुल पसंद नहीं है। उनका मानना है कि दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों को सिर्फ सफेद कपड़ों में देखना ऐसा लगता है जैसे "जूनियर टेनिस" या स्कूल का कोई मैच देख रहे हों। क्या परंपरा के नाम पर खेल का रोमांच खत्म किया जा रहा है?

यादें 1999 की…
हैरानी की बात यह है कि इस फैन ने आखिरी बार विंबलडन का जो मैच पूरे मन से देखा था, वो 1999 में स्टेफी ग्राफ (Graf) और लिंडसे डेवनपोर्ट (Davenport) के बीच खेला गया फाइनल था। उसके बाद से? सब कुछ फीका! कभी-कभार विमेंस टेनिस देख लिया तो गनीमत है।

क्या आप भी मानते हैं कि Wimbledon का ड्रेस कोड अब पुराना हो चुका है? और क्या Roland Garros वाकई अपना जादू खो रहा है? यह बहस अब रुकने वाली नहीं है!

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