बड़ा खुलासा: Maduro की गिरफ्तारी से पहले Trump ने भेजा था अपना ‘सीक्रेट एजेंट’? बंद कमरे में हुई थी यह डील!
क्या आप जानते हैं कि वेनेजुएला में अमेरिकी सेना के घुसने और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) को गिरफ्तार करने से ठीक पहले, व्हाइट हाउस ने एक बेहद गुप्त "सीक्रेट मिशन" चलाया था? वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट ने अब उस राज से पर्दा उठा दिया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
Trump का आखिरी दांव और ब्राजीलियाई अरबपति
खबरों के मुताबिक, जब कूटनीतिक रास्ते बंद हो रहे थे, तब डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) प्रशासन ने एक अनौपचारिक दूत का सहारा लिया। यह कोई अमेरिकी राजनयिक नहीं, बल्कि ब्राजील की दिग्गज मीट कंपनी JBS के मालिक जोस्ले बतिस्ता (Joesley Batista) थे।
रिपोर्ट्स का दावा है कि बतिस्ता, जिनके अमेरिका और वेनेजुएला दोनों में गहरे कारोबारी हित हैं, मादुरो को मनाने के लिए गुप्त रूप से काराकस पहुंचे थे।
बंद कमरे में क्या ऑफर दिया गया?
नवंबर के अंत में हुई इस बैठक में बतिस्ता एक बड़ा प्रस्ताव लेकर गए थे:
- मादुरो का इस्तीफा: शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता छोड़ना।
- सुरक्षित एग्जिट: मादुरो तुर्की (Turkey) जैसे देश में जाकर निर्वासन में रह सकते थे।
- अमेरिका की शर्तें: बदले में अमेरिका को वेनेजुएला के तेल और खनिजों (Minerals) का एक्सेस चाहिए था और मादुरो को क्यूबा से रिश्ते तोड़ने थे।
एक ‘ना’ ने बदल दिया इतिहास
सूत्रों के मुताबिक, मादुरो और उनकी पत्नी ने इस प्रस्ताव पर बेहद नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और डील को ठुकरा दिया। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, बतिस्ता आधिकारिक दूत नहीं थे, लेकिन उनकी जानकारी ट्रम्प के लिए अहम थी।
मादुरो के इस इनकार ने ट्रम्प को यह यकीन दिला दिया कि बातों से मसला हल नहीं होगा। इसके तुरंत बाद मिलिट्री एक्शन को हरी झंडी मिली, जिसका अंजाम मादुरो की गिरफ्तारी के रूप में सामने आया।
क्या मादुरो ने वह ऑफर मान लिया होता तो आज वेनेजुएला की तस्वीर कुछ और होती? कमेंट में अपनी राय दें!