🔴 ईरान में ‘डिजिटल अंधेरा’: क्या सरकार ने दबा दिया इंटरनेट का ‘Kill Switch’? हालात जानकर सहम जाएंगे आप!
क्या एक बटन दबाते ही पूरे देश को दुनिया से काटा जा सकता है? ईरान में अभी ठीक यही हो रहा है। ईरान के लोग इस वक्त ‘डिजिटल अंधेरे’ (Internet Blackout) में जी रहे हैं, और यह इतिहास का सबसे भयानक इंटरनेट शटडाउन माना जा रहा है।
यह पहली बार नहीं है, लेकिन इस बार कुछ अलग है:
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 के पेट्रोल विरोध प्रदर्शन और 2022 के "वुमन, लाइफ, फ्रीडम" आंदोलन के दौरान भी इंटरनेट बंद किया गया था। लेकिन उस वक्त कुछ फोन सेवाएं और VPN काम कर रहे थे। जून 2025 के इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान भी कनेक्टिविटी 3% तक गिर गई थी।
😱 अब हकीकत बन गया है ‘Internet Kill Switch’
नेटब्लॉक्स (NetBlocks) के डायरेक्टर एल्प टोकर का कहना है कि ईरान ने अपना सेंसरशिप सिस्टम इतना हाई-टेक कर लिया है कि अब यह "किल स्विच" (Kill Switch) सिर्फ एक कहावत नहीं रही।
- पहले: अलग-अलग नेटवर्क को एक-एक करके बंद किया जाता था।
- अब: यह एक सेंट्रलाइज्ड (centralised) प्रोसेस है। एक क्लिक, और पूरा देश ऑफलाइन!
फोन कॉल भी बंद!
टोकर के मुताबिक, मौजूदा हालात सबसे खौफनाक हैं। इस ब्लैकआउट में न तो इंटरनेट वापस आ रहा है और न ही कोई उतार-चढ़ाव (fluctuation) दिख रहा है। यहाँ तक कि साधारण फोन कॉल्स भी ब्लॉक कर दिए गए हैं।
जहाँ पहले लोग VPN के जरिए थोड़ी बहुत जानकारी भेज पाते थे, वहीं इस बार ईरान पूरी तरह से ‘साइलेंट मोड’ पर चला गया है। यह ब्लैकआउट बताता है कि ईरान में इंटरनेट कंट्रोल अब "इमरजेंसी" नहीं बल्कि "रूटीन" बन चुका है।
क्या यह 2025 के सबसे बड़े संकट की आहट है?