इतिहास बदल गया: सोना पहली बार $5,000 के पार, आखिर कहां थमेगा यह तूफ़ान?

Gold Price Alert: सोना हुआ $5,000 के पार! 60% की ऐतिहासिक तेजी, दुनिया में मचे हड़कंप की ये हैं 5 बड़ी वजहें

सोने की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड (Record Breaking Gold Rally)
इतिहास में पहली बार सोने की कीमत $5,000 (लगभग £3,659) प्रति औंस के पार चली गई है। साल 2025 में ही सोने की कीमतों में 60% से ज्यादा का भारी उछाल आया है। यह खबर निवेशकों के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है, लेकिन इसके पीछे की वजहें दुनिया के लिए चिंताजनक हैं।

बाजार में क्यों मची है खलबली? (Why the Surge?)
सोना यूं ही नहीं चमक रहा, इसके पीछे वैश्विक तनाव और डर का माहौल है:

  1. अमेरिका और नाटो (NATO) में तनाव: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और नाटो के बीच बढ़ती तनातनी ने अनिश्चितता पैदा कर दी है।
  2. ट्रम्प का ‘टैरिफ वॉर’: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की व्यापार नीतियों ने बाजारों को डरा दिया है। उन्होंने हाल ही में कनाडा पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
  3. युद्ध के बादल: यूक्रेन और गाजा में चल रहे युद्ध और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से जुड़े विवादों ने भी आग में घी का काम किया है।

चांदी भी नहीं है पीछे
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी ने भी $100 प्रति औंस का आंकड़ा पार कर लिया है। पिछले साल इसमें लगभग 150% की तेजी देखी गई थी।

निवेशक क्यों भाग रहे सोने के पीछे?
मुश्किल वक्त में सोना ही सबसे सुरक्षित निवेश (Safe-haven asset) माना जाता है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, उच्च महंगाई और सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की अंधाधुंध खरीदारी ने इसकी कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। साथ ही, यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने भी इसे और महंगा बना दिया है।

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भारत और सोने का कनेक्शन
भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा है। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास $3.8 ट्रिलियन का सोना है, जो देश की जीडीपी का लगभग 88.8% है। दिवाली और शादियों के सीजन में यह मांग और बढ़ जाती है।

क्या आगे भी बढ़ेगी कीमत?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, अब तक खनन किया गया कुल सोना सिर्फ 3-4 ओलंपिक स्विमिंग पूल ही भर सकता है। इसकी सीमित आपूर्ति और दुनिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘गोल्ड रश’ अभी खत्म नहीं हुआ है।

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