क्या हम DCPS को समय रहते जगा पाएंगे? रात 7 बजे तक फैसले की इस मुहीम में अब सब कुछ आप पर निर्भर है…

🔴 ALERT: बर्फीली सड़कों पर स्कूल? DCPS के फैसले पर टीचर्स और पेरेंट्स का फूटा गुस्सा!

क्या कल आपके बच्चे सुरक्षित स्कूल पहुँच पाएंगे? जानिये क्यों कोलंबिया हाइट्स के एक शिक्षक की ये चिट्ठी प्रशासन की नींद उड़ा रही है!

वाशिंगटन डीसी में भारी बर्फबारी के बाद हालात बदतर हैं। कोलंबिया हाइट्स की गलियाँ और फुटपाथ अभी भी बर्फ की चादर (Icy & Uncleared) में लिपटे हुए हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है – क्या कल स्कूल खुलेंगे?

हमेशा की तरह, DCPS (DC Public Schools) की तरफ से सन्नाटा है। इसी अनिश्चितता के बीच, एक DCPS शिक्षक ने PoPville के ज़रिए एक ऐसा मुद्दा उठाया है जिसने हर पेरेंट्स और टीचर की दुखती रग पर हाथ रख दिया है।

"सुबह की भागदौड़ नहीं, हमें रात 7 बजे तक फैसला चाहिए!"

शिक्षक ने साफ़ लफ्जों में कहा है कि सुबह भोर में स्कूल बंद होने या खुलने की खबर का इंतज़ार करना "टॉर्चर" से कम नहीं है। मांग साफ़ है: DCPS को स्कूल बंद करने या 2 घंटे की देरी (Delay) का फैसला पिछली शाम 7:00 बजे तक ले लेना चाहिए। ताकि पेरेंट्स बच्चों की देखभाल (Childcare) और टीचर्स अपने सफर (Commute) की योजना बना सकें।

खतरा सिर्फ फिसलन का नहीं, सिस्टम का है!

  • असुरक्षित सफर: DCPS के पास बसों का मजबूत नेटवर्क नहीं है। हज़ारों बच्चे पैदल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से स्कूल आते हैं। बिना साफ़ की गई सड़कों पर उन्हें बुलाना क्या खतरे से खाली है?
  • टीचर्स पर दोहरी मार: डीसी के ज़्यादातर शिक्षक शहर के बाहर रहते हैं। जब आस-पास के सभी काउंटियों (Counties) में स्कूल बंद होते हैं, तो DCPS का खुला रहना उनके लिए मुसीबत बन जाता है।
  • छुट्टियों की कमी: शिक्षकों को साल में सिर्फ़ 12 छुट्टियाँ मिलती हैं। क्या मौसम की मार झेलने के लिए उन्हें अपनी गाढ़ी कमाई की छुट्टियाँ कुर्बान करनी पड़ेंगी?
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अभी नहीं तो कभी नहीं!

यह सिर्फ़ छुट्टी की मांग नहीं, यह सुरक्षा (Safety) और कॉमन सेंस की बात है। अगर आप मानते हैं कि जान जोखिम में डालकर स्कूल खोलना गलत है, तो टीचर्स का साथ दें। बर्फ हटाना सिर्फ़ प्रशासन का काम नहीं, सही समय पर सही फैसला लेना भी उनकी ज़िम्मेदारी है।

👉 क्या आप भी इस मांग का समर्थन करते हैं? आवाज़ उठाइये, इससे पहले कि कोई अनहोनी हो!

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