Alert: यूरोप में होने जा रहा है सबसे बड़ा व्यापार समझौता! क्या इटली के एक ‘हां’ से बदल जाएगी बाजी?
25 साल की मेहनत और 70 करोड़ लोगों का भविष्य—जानिए क्या है EU-Mercosur डील का पूरा सच और क्यों डरा हुआ है फ्रांस।
European Union (EU) में इस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा चल रहा है। पिछले 25 सालों से जिस EU-Mercosur ट्रेड डील का इंतजार किया जा रहा था, वह अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। लेकिन इस पूरी कहानी में असली ट्विस्ट ला रहा है—इटली।
इटली बना ‘किंगमेकर’ (Kingmaker)
आंकड़ों का खेल समझिए—इस ऐतिहासिक डील को पास करने के लिए EU के 27 में से 15 देशों की सहमति जरूरी है। फ्रांस और पोलैंड इस डील के सख्त खिलाफ हैं और इसे रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, अगर बड़ी आबादी वाला देश इटली ‘हां’ कह देता है, तो फ्रांस और उसके साथियों के पास इसे रोकने के लिए वोट कम पड़ जाएंगे। इटली का फैसला ही अब ‘कास्टिंग वोट’ साबित होगा।
किसानों को खुश करने के लिए ‘सीक्रेट’ ऑफर?
इटली को अपने पाले में करने के लिए यूरोपियन कमिशन ने बड़ा दांव खेला है। सूत्रों के मुताबिक, किसानों के गुस्से को शांत करने के लिए अगले 7-वर्षीय बजट (2028-2034) में किसानों के लिए खास फंड और सब्सिडी का भरोसा दिया जा रहा है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सब्सिडी में होने वाली कटौती का असर कम किया जा सके।
शुक्रवार को होगा आर-पार का फैसला
बुधवार को ब्रुसेल्स में कृषि मंत्रियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, लेकिन सबकी नजरें शुक्रवार की वोटिंग पर टिकी हैं। अगर वोट पास हो गया, तो कमिशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयन अगले ही हफ्ते पराग्वे जाकर इस डील पर साइन कर सकती हैं।
क्या है दांव पर?
यह कोई मामूली समझौता नहीं है। इस डील के लागू होते ही 70 करोड़ लोगों का एक विशाल मुक्त व्यापार क्षेत्र (Free Trade Area) बनेगा और EU के निर्यात पर लगने वाली 90% कस्टम ड्यूटी खत्म हो जाएगी।
अब सवाल यह है—क्या शुक्रवार को इटली इस ‘गेम-चेंजर’ डील के लिए हरी झंडी दिखाएगा या किसानों का विरोध भारी पड़ेगा?