बी.सी. में हैती समुदाय का जश्न: आखिर आज़ादी के दिन इस ‘सूप’ के पीछे क्या रहस्य छिपा है?

🥣 एक ऐसा सूप जिसे पीने पर थी पाबंदी! जानिए 222 साल पुरानी आजादी की ये अनोखी कहानी

क्या आपने कभी सुना है कि एक कटोरी सूप आजादी का सबसे बड़ा प्रतीक हो सकता है? कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया (B.C.) में हाल ही में एक ऐसा जश्न मनाया गया, जिसने इतिहास के पन्नों को फिर से पलट दिया।

हैती (Haiti) के लोगों के लिए 1 जनवरी सिर्फ नए साल की शुरुआत नहीं, बल्कि गुलामी की जंजीरें तोड़ने का दिन है। 222 साल पहले हैती ने फ्रांसीसी उपनिवेशवाद (French colonizers) को हराकर आजादी हासिल की थी। इस जीत का जश्न ‘सूप जउमौ’ (Soup Joumou) के साथ मनाया जाता है।

गुलामी से आजादी तक का सफर:
इस सूप की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। गुलामी के दौर में, हैती के गुलामों को कद्दू (Squash) से बना यह सूप पीने की सख्त मनाही थी। यह डिश सिर्फ फ्रांसीसी मालिकों के लिए आरक्षित थी। लेकिन 1804 में आजादी मिलने के बाद, इसी ‘प्रतिबंधित सूप’ को पीकर लोगों ने अपनी स्वतंत्रता और एकता का ऐलान किया।

कनाडा में दिखा ‘मिनी हैती’:
न्यू वेस्टमिंस्टर के एक चर्च में करीब 50 हैतीयन-कनाडाई लोग इकट्ठा हुए। शेफ एली चेरी ने बड़े प्यार से यह ऐतिहासिक सूप तैयार किया, जिसमें कद्दू, बीफ, और खास मसालों का तड़का था। डेबी मैकनैब, जो 15 साल बाद ऐसे किसी आयोजन में शामिल हुईं, ने कहा कि यह बिल्कुल "घर जैसा अहसास" था।

दोहरी खुशी:
इस साल का जश्न और भी खास था क्योंकि हैती ने 50 साल बाद FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है। आयोजक शॉल फेरोलस ने कहा कि हैती दुनिया का पहला ‘ब्लैक रिपब्लिक’ है और यह सूप दुनिया भर में अन्याय के खिलाफ एकजुट होने का संदेश देता है।

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यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि इतिहास, संघर्ष और जीत का एक स्वाद है!

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