डॉलर हुआ कमजोर फिर भी बिटकॉइन खामोश… आखिर क्या है इसके पीछे का गहरा राज?

Bitcoin Investors सावधान! Dollar क्रैश होने के बाद भी क्यों नहीं बढ़ा BTC? J.P. Morgan ने दी बड़ी चेतावनी!

क्या आप भी परेशान हैं कि Dollar Index (DXY) गिरने के बावजूद आपके Bitcoin Portfolio में आग क्यों नहीं लगी?

मार्केट का पुराना नियम है: "जब डॉलर गिरता है, तो बिटकॉइन आसमान छूता है।" लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह उल्टी है। पिछले एक साल में डॉलर 10% गिरा है, लेकिन फिर भी बिटकॉइन (BTC) 13% टूट गया और CoinDesk 20 इंडेक्स 28% नीचे चला गया। आखिर मार्केट में चल क्या रहा है?

J.P. Morgan ने खोला बड़ा राज: यह ‘धोखा’ हो सकता है!

J.P. Morgan Private Bank ने इस अजीब व्यवहार के पीछे का असली कारण बताया है, जिसे हर क्रिप्टो इन्वेस्टर को जानना चाहिए:

  1. यह "नकली" गिरावट है? बैंक के अनुसार, डॉलर का गिरना अमेरिका की आर्थिक नीतियों या ब्याज दरों (Interest Rates) में बदलाव के कारण नहीं है। यह केवल शॉर्ट-टर्म "सेंटीमेंट" और पैसे के बहाव (flows) का नतीजा है। असल में, ब्याज दरें अभी भी डॉलर के पक्ष में हैं।
  2. सोना (Gold) बना असली किंग: डॉलर की कमजोरी का फायदा सोने ने उठाया और रैली दिखाई, लेकिन बिटकॉइन अपनी जगह पर अटका हुआ है। इसका मतलब है कि बड़े निवेशक अभी बिटकॉइन को डॉलर के खिलाफ "सुरक्षित हेज" (Hedge) नहीं मान रहे हैं।
  3. Bitcoin अभी भी ‘Risky’ है: एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन अभी भी लिक्विडिटी पर चलने वाला एक "रिस्की एसेट" है, न कि सोने की तरह "स्टोर ऑफ वैल्यू"।

आगे क्या होगा?
J.P. Morgan का मानना है कि यह डॉलर की कमजोरी अस्थाई (Temporary) है। जैसे ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी, डॉलर फिर से मजबूत हो जाएगा।

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निष्कर्ष: जब तक अमेरिका की मॉनेटरी पॉलिसी (ब्याज दरों) में कोई ठोस बदलाव नहीं होता, तब तक केवल डॉलर के गिरने से क्रिप्टो मार्केट में नया पैसा आने की उम्मीद कम है। निवेशकों को अभी सोने और इमर्जिंग मार्केट्स पर ज्यादा भरोसा है।

सावधान रहें और अपने पोर्टफोलियो पर नजर रखें!

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