ब्रागा में भारी पड़े वो 55 सेकंड: नॉटिंघम फॉरेस्ट का यूरोपा लीग सपना अब अधर में!

🔴 7 बदलाव, 1 रेड कार्ड और ‘पागलपन’ का वो एक मिनट! 😱 इस गलती ने डुबो दी टीम की लुटिया?

क्या आर्सेनल (Arsenal) जैसी धाकड़ टीम को रोकने के बाद किसे पता था कि अगला मैच एक "बर्बादी" (Mess) साबित होगा? प्रीमियर लीग की जंग के बीच एक ऐसा फैसला लिया गया जिसने फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों को चौंका दिया है!

कोच का बड़ा जुआ पड़ा भारी?
शनिवार को आर्सेनल के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलने के बाद, कोच ने टीम में 7 बड़े बदलाव कर दिए। ऐसा ही रिस्क आखिरी बार FA कप में Wrexham के खिलाफ लिया गया था, और अंजाम हम सब जानते हैं।

मैच के बाद कोच ने माना, "खिलाड़ियों को बचाने के लिए रोटेशन जरूरी था, लेकिन धार (Cutting edge) की कमी साफ़ दिखी।" यह एक अजीब स्थिति है—एक तरफ खिलाड़ियों को बचाना है, दूसरी तरफ जीतना भी है। कोच ने इसे "संतुलन का खेल" (Juggling act) बताया।

"बर्बादी" और रेड कार्ड का झटका 🟥
मैनचेस्टर सिटी के पूर्व डिफेंडर जूलियन लेस्कॉट ने तो इसे सीधे शब्दों में "कचरा" (Mess) कह दिया! TNT Sports पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "यह एक भयानक रात थी। पॉजीटिव ढूँढना मुश्किल है, खासकर इलियट एंडरसन (Elliot Anderson) का रेड कार्ड देखना।"

एंडरसन का बाहर होना टीम के लिए किसी तबाही से कम नहीं है। अब वे अगले निर्णायक मुकाबले से बाहर रहेंगे, और अगर यह बैन बढ़ा, तो प्ले-ऑफ में भी टीम को अपने स्टार के बिना उतरना पड़ेगा।

खिलाड़ी भी निराश
रायन येट्स ने माना कि टीम ने मौका गंवा दिया। उन्होंने कहा, "हम जीत सकते थे, लेकिन हमने चांस मिस कर दिया। हमें जल्दी आगे बढ़ना होगा।"

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आखिरी ‘पागलपन’
जहाँ टीम ड्रॉ के साथ भी निकल सकती थी, वहां "पागलपन के एक मिनट" (One minute of madness) ने सब खत्म कर दिया। क्या प्रीमियर लीग में सर्वाइवल (Survival) की जंग लड़ रही टीम के लिए यह हार ताबूत में आखिरी कील साबित होगी?

👇 आपकी राय क्या है? क्या 7 बदलाव करना सही फैसला था?

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