गरीब बच्चों के निवाले छीनकर खरीदी लग्जरी कारें? अमेरिका का सबसे बड़ा वेलफेयर घोटाला जिसने सबको चौंका दिया!
क्या आप यकीन करेंगे कि गरीबों को खाना खिलाने के नाम पर एक संस्था ने करोड़ों डॉलर डकार लिए? मिनेसोटा में ‘Feeding Our Future’ नामक एनजीओ से जुड़ा यह घोटाला अब अमेरिका की राजनीति में भूचाल ला रहा है। इसे "औद्योगिक स्तर की धोखाधड़ी" कहा जा रहा है, जहाँ 80 से अधिक लोगों ने मिलकर सिस्टम को खोखला कर दिया।
कहाँ गया आपका पैसा?
जिस पैसे से कम आय वाले बच्चों का पेट भरना था, उससे इन घोटालेबाजों ने लग्जरी कारें, आलीशान बंगले, महंगे गहने और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदे। यह सिर्फ़ लापरवाही नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स के पैसों की दिन-दहाड़े डकैती थी। सरकारी खजाने से करोड़ों डॉलर निकलते रहे, और अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने रहे।
ट्रम्प बनाम डेमोक्रेट्स: सियासी जंग शुरू
इस घोटाले ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बैठे-बिठाए मुद्दा दे दिया है। वे इसे डेमोक्रेट गवर्नर टिम वाल्ज़ की नाकामी और "ब्लू स्टेट्स" (डेमोक्रेट शासित राज्यों) में वित्तीय कुप्रबंधन का सबूत बता रहे हैं। रिपब्लिकन अब पूरे वेलफेयर सिस्टम को ही ‘चोरी का अड्डा’ बताकर फंड फ्रीज़ करने की मांग कर रहे हैं।
असली समस्या क्या है?
अमेरिका में सरकार सीधे मदद देने के बजाय प्राइवेट एनजीओ पर भरोसा करती है, और यही घोटालेबाजों के लिए ‘सोने की खान’ बन गया है। फर्जी इनवॉइस और झूठे डेटा के आधार पर सरकार को लूटा गया।
चेतावनी: अगर डेमोक्रेट्स को सामाजिक सुरक्षा (Social Safety Net) को बचाना है, तो उन्हें इसे "सिर्फ कुछ बुरे लोगों का काम" कहकर पल्ला झाड़ने के बजाय सख्त एक्शन लेना होगा। क्योंकि जब वेलफेयर सिस्टम में दीमक लगती है, तो सबसे ज्यादा नुकसान जरूरतमंदों का ही होता है।