ट्रम्प की ‘खास’ वकील को जज का करारा झटका! कोर्ट ने कहा- ‘सरकारी वकील होने का नाटक बंद करो’
क्या बिना अनुभव के कोई देश का टॉप फेडरल प्रॉसिक्यूटर बन सकता है? डोनाल्ड ट्रम्प की वफादार लिंडसे हॉलिंगन (Lindsey Halligan) को लेकर अमेरिकी कोर्ट में ऐसा ही हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। एक संघीय जज ने हॉलिंगन को कोर्ट में खुद को "यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी" बताने से सख्त मना कर दिया है और इसे "बहरूपियापन" (masquerading) करार दिया है।
जज ने लगाई ‘अनुभवहीनता’ की क्लास
यू.एस. डिस्ट्रिक्ट जज डेविड नोवाक ने अपने आदेश में हॉलिंगन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि जब तक सीनेट या कोर्ट द्वारा उनकी नियुक्ति कानूनी रूप से नहीं हो जाती, वह इस पद का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जज ने हॉलिंगन पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई (disciplinary action) नहीं की। क्यों? क्योंकि जज का मानना है कि हॉलिंगन में "अनुभव की भारी कमी" है। जज ने लिखा, "उनकी अनुभवहीनता को देखते हुए, कोर्ट उन्हें संदेह का लाभ (benefit of the doubt) दे रहा है।" यानी कोर्ट ने मान लिया कि उन्हें कानून की समझ ही नहीं है!
फेल हुए थे बड़े केस
हॉलिंगन वही वकील हैं जिन्होंने ट्रम्प के कहने पर पूर्व FBI डायरेक्टर जेम्स कोमी और न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स के खिलाफ केस चलाने की कोशिश की थी। लेकिन कोर्ट और ग्रैंड जूरी ने इन मामलों को सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया था। बिना किसी प्रॉसिक्यूटोरियल अनुभव के, हॉलिंगन ने इन हाई-प्रोफाइल मामलों को संभाला था और मुंह की खाई थी।
कोर्ट ने निकाली वैकेंसी
जज के आदेश के ठीक बाद, कोर्ट ने इस पद के लिए आधिकारिक वैकेंसी (Vacancy) भी निकाल दी है। अब कोर्ट एक इंटेरिम यू.एस. अटॉर्नी की तलाश कर रहा है। हालांकि, ट्रम्प प्रशासन अभी भी हॉलिंगन का बचाव कर रहा है और डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने संकेत दिया है कि ट्रम्प कोर्ट द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को बर्खास्त कर सकते हैं।
यह मामला अब गूगल डिस्कवर और अमेरिकी राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे वफादारी और योग्यता के बीच की जंग कोर्ट रूम तक पहुंच गई है।