अमेरिका में भारी बवाल! $1.2 ट्रिलियन का ‘महा-बिल’ और ‘शटडाउन’ का डर – जानिए क्या ट्रंप की वजह से ठप हो जाएगा सब कुछ?
क्या अमेरिका में फिर लगने वाला है ताला? वाशिंगटन में सियासी पारा सातवें आसमान पर है! अमेरिकी संसद में 1.2 ट्रिलियन डॉलर का एक भारी-भरकम स्पेंडिंग पैकेज पेश किया गया है, लेकिन इसे पास कराना लोहे के चने चबाने जैसा हो गया है। 30 जनवरी की डेडलाइन सिर पर है और अगर सहमति नहीं बनी, तो एक और भयानक ‘गवर्नमेंट शटडाउन’ (Government Shutdown) अमेरिका का इंतजार कर रहा है।
लड़ाई की असली जड़: ICE और इमिग्रेशन
इस पूरे बवाल के केंद्र में है Immigration and Customs Enforcement (ICE) की फंडिंग। डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर ही गृहयुद्ध छिड़ गया है। प्रोग्रेसिव सांसद, जैसे कि इल्हान उमर, इस बिल का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक इमिग्रेशन पुलिसिंग में सुधार नहीं होता, वे ICE को एक फूटी कौड़ी नहीं देंगे।
यह गुस्सा तब और भड़क गया जब मिनियापोलिस में ICE एजेंट और रेनी निकोल गुड के बीच हुई झड़प में रेनी की जान चली गई। अब सांसद मांग कर रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप के इमिग्रेशन क्रैकडाउन पर लगाम लगाई जाए।
अगर बिल पास नहीं हुआ तो क्या होगा?
रिपब्लिकन स्पीकर माइक जॉनसन के पास गलती की गुंजाइश नहीं है। अगर यह बिल अटक गया, तो परिणाम भयावह होंगे:
- TSA एजेंट्स को बिना सैलरी काम करना पड़ेगा।
- कोस्ट गार्ड और FEMA की मदद अटक जाएगी।
- सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है।
बिल में क्या खास है?
इस "मिनीबस" पैकेज में डिफेंस के लिए $839.2 बिलियन और होमलैंड सिक्योरिटी के लिए $64.4 बिलियन रखे गए हैं। साथ ही, बॉर्डर पेट्रोल को बॉडी कैमरे देने के लिए $20 मिलियन अलग से दिए गए हैं ताकि रिपब्लिकन सांसदों को खुश रखा जा सके।
अब सवाल यह है: क्या डेमोक्रेट्स अपनी ही पार्टी के विरोध को दबा पाएंगे या फिर अमेरिका को एक ऐतिहासिक शटडाउन का सामना करना पड़ेगा? सीनेटर चक शूमर का कहना है कि शटडाउन का फायदा सिर्फ ट्रंप प्रशासन को मिलेगा, इसलिए वे इसे हर हाल में रोकना चाहते हैं।
फैसला इसी हफ्ते होना है, पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी संसद पर टिकी हैं!