Trump का अल्टीमेटम: ‘ग्रीनलैंड दो या परिणाम भुगतो!’ नोबेल न मिलने पर यूरोप को दी भयानक धमकी
क्या डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया है? एक लीक हुई चिट्ठी ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड (Greenland) चाहिए, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं।
‘मुझे नोबेल नहीं मिला, अब शांति की उम्मीद मत रखो’
आज की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर नॉर्वे से आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने कहा:
"चूंकि आपके देश ने मुझे नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) नहीं दिया, इसलिए अब मैं सिर्फ ‘शांति’ के बारे में सोचने के लिए बाध्य महसूस नहीं करता। अब मैं वो करूंगा जो अमेरिका के लिए सही है।"
यह सीधा इशारा है कि ट्रंप अब कूटनीति छोड़कर आक्रामक रास्ता अपनाने वाले हैं।
ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्ज़ा?
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ऐलान कर दिया है: "अब समय आ गया है, और यह होकर रहेगा!!!" उनका कहना है कि डेनमार्क, ग्रीनलैंड को रूस और चीन के खतरों से बचाने में नाकाम है, इसलिए अमेरिका को इस पर "पूर्ण और कुल नियंत्रण" चाहिए।
यूरोप को खुली धमकी: ‘यूक्रेन मदद भूल जाओ’
मामला सिर्फ जमीन का नहीं है। ट्रंप प्रशासन ने इशारों-इशारों में धमकी दी है कि अगर यूरोप उनकी बात नहीं मानता, तो यूक्रेन (Ukraine) को मिल रही अमेरिकी मदद रोकी जा सकती है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी ने कहा, "यूरोपीय लोग कमजोरी दिखाते हैं, अमेरिका ताकत दिखाता है। अगर अमेरिका ने हाथ खींच लिया तो यूक्रेन का क्या होगा? सब कुछ ढह जाएगा।"
दुनिया भर में हड़कंप
- जर्मनी और फ्रांस ने इसे "ब्लैकमेल" करार दिया है।
- ग्रीनलैंड के स्थानीय लोगों ने अमेरिकी दूत का अपने वार्षिक डॉग-स्लेज रेस का निमंत्रण रद्द कर दिया है।
- ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है।
क्या ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच जंग छिड़ेगी? क्या ट्रंप सच में यूक्रेन को बीच मझधार में छोड़ देंगे? यह 2026 की सबसे बड़ी भू-राजनीतिक (Geopolitical) घटना बन सकती है।