Trump का बड़ा फैसला: रातों-रात रोके $2 बिलियन के फंड, अमेरिका में मचा हड़कंप! क्या अब खतरे में हैं लाखों जानें?
अमेरिका की राजनीति से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है जिसने हेल्थ सेक्टर में भूचाल ला दिया है। डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने मंगलवार देर रात एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे हजारों लोगों की जिंदगी अधर में लटक गई है।
क्या है पूरा मामला?
ट्रम्प प्रशासन ने मेंटल हेल्थ (मानसिक स्वास्थ्य) और नशा मुक्ति (Drug Addiction) के लिए दी जाने वाली फेडरल ग्रांट्स को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशासन ने सैकड़ों टर्मिनेशन लेटर भेजे हैं। सूत्रों का दावा है कि यह कटौती लगभग 2 बिलियन डॉलर (करीब 16,000 करोड़ रुपये) तक हो सकती है।
सड़क पर आ जाएंगे मरीज?
इस फैसले का सीधा असर उन नॉन-प्रॉफिट संस्थाओं पर पड़ेगा जो सड़क पर रहने वाले बेघर लोगों और नशा करने वालों की मदद करती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई सेंटर्स के पास अब पैसे नहीं बचे हैं और वे शायद कल ही बंद हो जाएं।
- नशा मुक्ति केंद्र बंद होंगे।
- ओवरडोज रोकने वाली दवाइयां (Naloxone) नहीं मिलेंगी।
- मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम पूरी तरह ठप हो सकता है।
"प्रशासन के हाथों पर खून होगा"
इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। एडवोकेसी ग्रुप ‘मोबिलाइज रिकवरी’ के रयान हैम्पटन ने बताया कि उनकी संस्था ने रातों-रात 5 लाख डॉलर खो दिए। उन्होंने गुस्से में कहा, "यह क्रूरता है। रिकवरी सेंटर्स बंद हो रहे हैं और हम अपनी कम्युनिटी को मरते हुए देखेंगे। हर एक मौत के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा और उनके हाथों पर खून होगा।"
13 जनवरी डेडलाइन
पत्र में साफ लिखा है कि 13 जनवरी से फंडिंग रोक दी गई है क्योंकि ये प्रोग्राम ट्रम्प प्रशासन की "नई प्राथमिकताओं" के साथ मेल नहीं खाते। मेडिकेड (Medicaid) में भारी कटौती के बाद, यह अमेरिकी हेल्थ सिस्टम पर दूसरा सबसे बड़ा प्रहार है।
अब बड़ा सवाल यह है: क्या अमेरिका का हेल्थ सिस्टम इस झटके को झेल पाएगा, या सड़कों पर एक नया संकट खड़ा होने वाला है?