स्पेस स्टेशन में आखिर क्या हुआ? नासा प्रमुख जेरेड इसाकमैन ने क्रू को वक्त से पहले ही वापस बुला लिया!

NASA का बड़ा फैसला: अंतरिक्ष में मेडिकल इमरजेंसी! 25 साल के इतिहास में पहली बार बीच में ही लौट रहा क्रू, जानिए क्या हुआ?

क्या अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट्स की जान को खतरा है? नासा (NASA) ने एक "अभूतपूर्व" (Unprecedented) फैसला लेते हुए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से अपने पूरे क्रू को समय से पहले वापस बुलाने का आदेश दिया है। यह खबर अंतरिक्ष जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि ISS के 25 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी ‘हेल्थ इमरजेंसी’ के कारण मिशन को बीच में ही रद्द किया जा रहा है।

ऑर्बिट में आखिर हुआ क्या?
नासा एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन (Jared Isaacman) ने खुलासा किया कि 7 जनवरी को स्टेशन पर मौजूद एक क्रू मेंबर को अचानक मेडिकल समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि, अब वह एस्ट्रोनॉट स्थिर (stable) है, लेकिन मेडिकल टीम और एजेंसी की लीडरशिप ने कोई रिस्क न लेते हुए ‘अर्ली रिटर्न’ (Early Return) का आदेश दिया है।

इसाकमैन ने कहा, "नासा के लिए पिछले 60 वर्षों से एस्ट्रोनॉट्स की सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।"

कौन-कौन लौट रहा है वापस?
SpaceX का ड्रैगन एंडेवर स्पेसक्राफ्ट अगले कुछ दिनों में Crew-11 को लेकर धरती पर वापसी करेगा। इस क्रू में शामिल हैं:

  • कमांडर जेना कार्डमैन (Zena Cardman)
  • पायलट माइक फिनके (Mike Fincke)
  • जापानी एस्ट्रोनॉट किमिया युई (Kimiya Yui)
  • रूसी कॉस्मोनॉट ओलेग प्लेटोनोव (Oleg Platonov)

यह टीम अगस्त में ISS पहुंची थी और इनका मिशन 6 से 8 महीने का था, लेकिन अब उन्हें तुरंत लौटना पड़ रहा है।

क्यों है यह घटना ऐतिहासिक?
स्पेस हिस्टोरियन रॉड पाइल (Rod Pyle) के अनुसार, "स्पेस में मेडिकल इमरजेंसी की घोषणा अभूतपूर्व है।" पहले भी एस्ट्रोनॉट्स को खून के थक्के (blood clots) जैसी समस्याएं हुई हैं, लेकिन उनका इलाज स्पेस में ही कर लिया गया था। यह अमेरिकी स्पेस प्रोग्राम के इतिहास में पहली बार है जब किसी को बीमारी के कारण ऑर्बिट से ‘इवेक्यूएट’ (evacuate) किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें: -  सावधान! छुट्टियों के जश्न के बीच दबे पांव बढ़ रहा है ये खतरा, CDC के नए खुलासे ने उड़ाए होश!

चूंकि 2030 में ISS को हमेशा के लिए बंद (de-orbit) किया जाना है, इसलिए इस अचानक वापसी से वहां चल रही महत्वपूर्ण रिसर्च पर भी गहरा असर पड़ने वाला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *