🔴 High Alert: समंदर में अमेरिका और रूस आमने-सामने! Russian Submarine की मौजूदगी ने उड़ाई नींद
क्या अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) में तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई दे रही है? वाशिंगटन से आ रही एक खबर ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिका ने एक बेहद खतरनाक कदम उठाते हुए एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर (Russian-flagged oil tanker) को जब्त करने की कोशिश की है।
यह कोई मामूली घटना नहीं है! अमेरिकी सेना और कोस्ट गार्ड ने पिछले 2 हफ्तों से इस जहाज का पीछा किया। यह ‘Great Chase’ अटलांटिक के ठंडे पानी में, आइसलैंड (Iceland) के पास एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुँच गई है।
रूसी पनडुब्बी (Submarine) की एंट्री से बढ़ा खतरा
सबसे डरावनी बात यह है कि जिस वक्त अमेरिका इस टैंकर (जिसे पहले ‘Bella-1’ और अब ‘Marinera’ कहा जा रहा है) को पकड़ने की कोशिश कर रहा था, ठीक उसी वक्त वहां एक रूसी न्यूक्लियर सबमरीन और युद्धपोत मौजूद थे। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह हाल के इतिहास में पहली बार है जब अमेरिका ने सीधे किसी रूसी झंडे वाले जहाज को जब्त करने की जुर्रत की है।
वजह क्या है?
यह पूरा मामला वेनेजुएला (Venezuela) के ‘काले सोने’ यानी तेल से जुड़ा है। अमेरिका का आरोप है कि यह टैंकर वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों को तोड़कर तेल ले जा रहा था। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे रोकने की कोशिश की, लेकिन जहाज ने रुकने से मना कर दिया और रूसी झंडा लगा लिया।
Maduro के ‘किडनैपिंग’ के बाद भड़की आग
यह तनाव तब और बढ़ गया जब कुछ ही दिन पहले अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में घुसकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) को पकड़ लिया था। वेनेजुएला इसे ‘किडनैपिंग’ बता रहा है और अमेरिका पर उसका तेल चुराने का आरोप लगा रहा है।
अब अटलांटिक में अमेरिकी और रूसी सेनाएं एक-दूसरे के बेहद करीब हैं। एक छोटी सी गलती, और समंदर में बारूद बरस सकता है!