28 दिसंबर 2025 का सच: बैंक ऑफ अमेरिका के CEO ने ‘फेस द नेशन’ पर आखिर क्या कह दिया?

Bank of America CEO की चेतावनी: 2026 में कैसी रहेगी आपकी जेब? Trump, घर और नौकरी पर बड़ा खुलासा!

क्या आपको लगता है कि महंगाई ने आपकी कमर तोड़ दी है? लेकिन Bank of America का डेटा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। हाल ही में एक विस्फोटक इंटरव्यू में, बैंक ऑफ अमेरिका के चेयरमैन और CEO ब्रायन मोयनिहन ने 2026 की अर्थव्यवस्था, ट्रंप की नीतियों और होम लोन को लेकर ऐसे दावे किए हैं जो हर आम आदमी को जानने चाहिए।

1. महंगाई का दर्द बनाम खर्च की हकीकत
मोयनिहन ने खुलासा किया कि भले ही लोग कह रहे हैं कि "चीजें महंगी हैं," लेकिन डेटा बता रहा है कि खर्च (Spending) रुक नहीं रहा है। ब्लैक फ्राइडे और छुट्टियों के दौरान खर्च में 4.5% की बढ़ोतरी देखी गई है। वेतन 3% की दर से बढ़ रहे हैं, लेकिन महंगाई का मनोवैज्ञानिक असर अभी भी लोगों के दिमाग पर हावी है।

2. सस्ते होम लोन का सपना अब छोड़ दें?
अगर आप घर खरीदने के लिए ब्याज दरें (Interest Rates) 3% तक गिरने का इंतजार कर रहे हैं, तो मोयनिहन के पास आपके लिए बुरी खबर है। उन्होंने साफ कहा, "हमें उस दौर में वापस नहीं जाना चाहिए।" 3% रेट एक अपवाद था। आने वाले समय में रेट 4-4.5% के आसपास ही रहेंगे। घर की कीमतें तभी स्थिर होंगी जब सप्लाई बढ़ेगी, ब्याज दरें गिरने से नहीं।

3. Trump और ट्रेड वॉर का सच
बाजार में डर था कि ट्रंप के आने से ‘ट्रेड वॉर’ छिड़ जाएगा, लेकिन बैंक ऑफ अमेरिका का मानना है कि रणनीति अब "तनाव कम करने" (De-escalation) की है। चीन को छोड़कर बाकी देशों के साथ टैरिफ का मामला सुलझता दिख रहा है। छोटे व्यापारियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती लेबर (काम करने वाले लोग) खोजना है, न कि कर्ज।

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4. AI: नौकरी का खतरा या मौका?
क्या AI आपकी नौकरी खा जाएगा? मोयनिहन के मुताबिक, बैंक में ‘Erica’ बॉट हर दिन 20 लाख ग्राहकों को संभालता है। लेकिन इसका मतलब छंटनी नहीं है। उनका मानना है कि AI से काम की स्पीड बढ़ेगी और कंपनी और तेजी से ग्रो करेगी। कॉलेज फ्रेशर्स को डरने के बजाय इसे "हथियार" बनाने की सलाह दी गई है।

निष्कर्ष:
2026 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था 2.4% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, बशर्ते उपभोक्ता खर्च करना बंद न करें। व्हाइट हाउस के साथ "डि-बैंकिंग" (De-banking) विवाद पर भी मोयनिहन ने कहा कि अब सब कुछ सुलझ चुका है और राजनीति के आधार पर किसी का खाता बंद नहीं किया जाता।

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