VAR का फैसला या नाइंसाफी? लिवरपूल के खिलाफ सिमंस के रेड कार्ड का चौंकाने वाला सच!

🚨 प्रीमियर लीग में VAR का ‘काला सच’! पूर्व रेफरी ने किया बड़ा खुलासा – कहाँ हुई नाइंसाफी? ⚽️❌

प्रीमियर लीग में हर हफ्ते VAR (Video Assistant Referee) को लेकर बवाल मचता है। क्या मैच फिक्स हो रहे हैं या रेफरी से गलतियां हो रही हैं? पूर्व एलीट रेफरी एंडी डेविस ने इस सीजन की दो सबसे बड़ी कंट्रोवर्सीज का ‘पोस्टमार्टम’ किया है। जानिए अंदर की बात! 👇

1. टोटेनहम बनाम लिवरपूल: क्या वो लाल कार्ड सही था? 🟥

मैच के 30वें मिनट में जावी सिमंस (टोटेनहम) ने वर्जिल वैन डाइक पर एक जोरदार टैकल किया। ऑन-फील्ड रेफरी ने इसे ‘येलो कार्ड’ दिया, लेकिन VAR ने इसे बदलकर सीधा ‘रेड कार्ड’ थमा दिया।

🔍 एक्सपर्ट का फैसला: बिल्कुल सही निर्णय! ✅
एंडी डेविस के मुताबिक, भले ही सिमंस का इरादा गलत नहीं था, लेकिन टैकल की रफ़्तार और इम्पैक्ट वैन डाइक के लिए बेहद खतरनाक था। यह खिलाड़ियों की सुरक्षा से खिलवाड़ था, इसलिए VAR का दखल और रेड कार्ड 100% सही था।

2. न्यूकैसल बनाम चेल्सी: पेनल्टी चोरी? (सबसे बड़ी गलती!) 😱🚫

55वें मिनट में चेल्सी के डिफेंडर ट्रेवो चालोबाह ने न्यूकैसल के एंथनी गॉर्डन को बॉक्स में गिरा दिया। रिप्ले में साफ़ दिखा कि चालोबाह ने बॉल को नहीं, बल्कि गॉर्डन के पैर को हिट किया। फिर भी, रेफरी और VAR दोनों ने पेनल्टी देने से मना कर दिया!

🔍 एक्सपर्ट का फैसला: गलत निर्णय! ❌ (VAR ब्लंडर)
एंडी डेविस ने इसे साफ़ शब्दों में ‘बड़ी गलती’ बताया है। चालोबाह का टैकल लापरवाह था और उसका गेंद से कोई संपर्क नहीं था। VAR को यहाँ दखल देना चाहिए था। न्यूकैसल यूनाइटेड के साथ यहाँ साफ़ तौर पर नाइंसाफी हुई है। उन्हें पेनल्टी मिलनी चाहिए थी।

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निष्कर्ष: जहाँ लिवरपूल के मैच में VAR ने सही काम किया, वहीं न्यूकैसल के मैच में एक साफ़ पेनल्टी मिस कर दी। क्या VAR फुटबॉल को बर्बाद कर रहा है या सुधार रहा है? अपनी राय कमेंट में दें! 👇

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