सावधान! क्या 2+2=5 हो सकता है? डिमियन लुईस की नई डॉक्यूमेंट्री ने खोली दुनिया के सबसे बड़े झूठ की पोल!
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई आपको विश्वास दिला दे कि 2 और 2 मिलकर 5 होते हैं? सुनने में यह पागलपन लगता है, लेकिन आज की राजनीति का यही कड़वा सच है। 2025 के खत्म होते-होते, हॉलीवुड स्टार डिमियन लुईस (Damian Lewis) एक ऐसा धमाका लेकर आए हैं, जिसने दुनिया भर के दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं।
हम बात कर रहे हैं चर्चित डॉक्यूमेंट्री ‘Orwell: 2 + 2 = 5’ की।
क्यों मची है खलबली?
कान फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) में प्रीमियर के बाद से ही यह डॉक्यूमेंट्री चर्चा का विषय बनी हुई है। इसमें डिमियन लुईस ने सिर्फ अपनी आवाज नहीं दी है, बल्कि मशहूर लेखक जॉर्ज ऑरवेल की रूह को परदे पर उतार दिया है। निर्देशक राउल पेक का कहना है, "डिमियन फिल्म में सिर्फ एक नैरेटर नहीं हैं, वो खुद ऑरवेल हैं।" उनकी भारी और गंभीर आवाज आपको झकझोर कर रख देगी।
आज के तानाशाहों का असली चेहरा
यह फिल्म सिर्फ इतिहास के पन्ने नहीं पलटती, बल्कि आज के दौर का ‘वेक-अप कॉल’ है। यह दिखाती है कि कैसे हिटलर और स्टालिन की तरह, आज के आधुनिक नेता—चाहे वो पुतिन हों या दुनिया के अन्य पावरफुल लीडर्स—’फेक न्यूज’ और प्रोपेगेंडा का इस्तेमाल कर झूठ को सच साबित कर रहे हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे लोकतंत्र की आड़ में तानाशाही (Dictatorship) हमारे घरों में घुस रही है।
आपको यह क्यों देखनी चाहिए?
अगर आपको लगता है कि आप आजाद हैं और जो खबरें आप देख रहे हैं वो सच हैं, तो यह डॉक्यूमेंट्री आपका भ्रम तोड़ देगी। डिमियन लुईस के करियर का यह सबसे बेहतरीन और गंभीर काम माना जा रहा है। Critics Choice Awards में ‘बेस्ट नरेशन’ का अवार्ड जीतने वाली यह फिल्म आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि क्या हम वाकई जॉर्ज ऑरवेल के ‘1984’ वाले डरावने दौर में जी रहे हैं?
सच और झूठ के इस खेल को समझने के लिए, ‘Orwell: 2 + 2 = 5’ देखना न भूलें। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, चेतावनी है!